पलामू: नेशनल हाईवे 39 और 98 पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है। नेशनल हाईवे 39 रांची से शुरू होकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक जाता है, जबकि नेशनल हाईवे 98 पलामू से बिहार के औरंगाबाद तक फैला हुआ है। यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा के लिए इन दोनों हाईवे पर पलामू पुलिस ने विशेष पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की है। हाईवे को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन में विशेष पेट्रोलिंग टीम नियुक्त की गई है।
अपराध पर लगाम और यात्रियों की सहायता
पेट्रोलिंग टीमों को आधुनिक उपकरणों और हथियारों से लैस किया गया है। इनका मुख्य कार्य अपराधों पर नियंत्रण रखना और किसी भी आपराधिक घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देना है। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं में घायल यात्रियों को तत्काल सहायता पहुंचाने का भी इनकी जिम्मेदारी होगी। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन के अनुसार, पेट्रोलिंग टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है और वे परस्पर समन्वय बनाकर पूरे हाईवे पर नियमित गश्त करेंगी। ये टीमें लातेहार, गढ़वा और बिहार के औरंगाबाद तक के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सक्रिय रहेंगी।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
एसपी ने यह भी बताया कि नेशनल हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से मार्च के दूसरे सप्ताह तक पलामू में सड़क दुर्घटनाओं में 39 लोगों की मौत हुई, जिसमें से 20 मौतें नेशनल हाईवे पर हुई थीं।
हाईवे पर बदलती तस्वीर
नेशनल हाईवे 39 का एक बड़ा हिस्सा पलामू क्षेत्र में अब चार लेन का बन चुका है, जबकि नेशनल हाईवे 98 भी छतरपुर से बिहार के औरंगाबाद तक चार लेन में परिवर्तित हो चुका है। एक समय यह इलाका नक्सल प्रकोप के लिए कुख्यात था, लेकिन नक्सलियों के कमजोर पड़ने के बाद पुलिस ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ को मजबूत किया है और अब इन हाईवे पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।


