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Thursday, June 11, 2026

PM मोदी का बड़ा बयान: बीते 12 साल में किसानों को मिली आधुनिक तकनीक, लोन और आय की सुरक्षा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर देश के अन्नदाताओं के कल्याण के लिए किए गए अभूतपूर्व कार्यों को सराहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक, कम ब्याज पर ऋण, फसलों का उचित मूल्य, आय सुरक्षा और सौर ऊर्जा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता और जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दिया है।

किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि किसानों का कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लगातार यह प्रयास रहा है कि किसानों को कृषि से जुड़ी हर आधुनिक सुविधाएं आसानी से मिल सकें। उन्होंने रेखांकित किया कि ड्रोन तकनीक, सॉयल हेल्थ कार्ड और प्राकृतिक खाद से जुड़े राष्ट्रव्यापी अभियानों ने किसानों को फसल की उत्पादकता बढ़ाने में बहुत बड़ी मदद की है।

किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण हुआ आसान, फसलों को मिला उचित मूल्य

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अगली पोस्ट में ऋण सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि खेती और अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए कम ब्याज पर आसानी से लोन उपलब्ध कराने में ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) योजना बेहद कारगर रही है। यह योजना किसानों के साथ-साथ पशुपालकों और मछुआरों के लिए भी वरदान साबित हुई है। इसके साथ ही सरकार की ‘बीज से बाजार तक’ की अनूठी पहल ने किसानों की फसलों को बाजार में उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

पीएम-किसान और फसल बीमा से मजबूत हुई अन्नदाताओं की आय

देश के विकास में किसानों के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहन देश की अन्न सुरक्षा, पोषण और समृद्धि के असली आधारस्तंभ हैं। उनके जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। ‘पीएम-किसान सम्मान निधि’ और ‘फसल बीमा योजना’ जैसी दूरदर्शी पहलें आज किसानों को सीधे आर्थिक संबल देने के साथ-साथ उनकी आय की सुरक्षा कर खेती को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही हैं।

पीएम-कुसुम योजना से खेती की लागत में आई भारी कमी

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में हुए ऊर्जा सुधारों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘पीएम-कुसुम योजना’ के माध्यम से आज देश के सुदूर इलाकों के किसानों को भी सौर ऊर्जा बेहद सुलभ हुई है। सोलर पंपों के इस्तेमाल से न केवल डीजल और बिजली पर होने वाला खेती का खर्च काफी कम हुआ है, बल्कि सिंचाई के लिए ऊर्जा की उपलब्धता और आत्मनिर्भरता भी कई गुना बढ़ गई है।

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