प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग़ाज़ा शांति योजना की खुले तौर पर प्रशंसा की है। उन्होंने इसे मध्य-पूर्व संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में “निर्णायक प्रगति” बताया।
मोदी ने कहा कि बंदियों की रिहाई की संभावनाएं इस योजना को महत्वपूर्ण कदम बनाती हैं और भारत इस प्रक्रिया में न्यायोचित एवं स्थायी शांति के लिए सभी प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा।
यह टिप्पणी उस समय आई है, जब हमास ने ट्रम्प की 20-बिंदु योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार करने की संकेत दिए हैं और बंदियों की रिहाई पर सहमति जताई है।
मोदी ने अपने बयान में लिखा कि “ग़ाज़ा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति हो रही है, बंदियों की रिहाई की संभावनाएं एक महत्वपूर्ण कदम हैं। भारत न्यायोचित और टिकाऊ शांति के लिए सभी प्रयासों का दृढ़ समर्थन जारी रखेगा।”
इस बीच, ट्रम्प की योजना के महत्वपूर्ण तत्वों में तत्काल युद्धविराम, बंदियों का आदान-प्रदान, इजराइल की चरणबद्ध वापसी, हमास का अर्द्ध निरस्तीकरण और आंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में प्रशासन सौंपना शामिल हैं।
हालाँकि, हमास ने अभी तक कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है, जैसे हथियार समर्पण और पूर्ण शक्ति त्याग। इस कारण योजना की क्रियान्वयन चुनौतिपूर्ण रहेगा।
यह外交 मोड़ इस शांति पहल की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव को दर्शाता है। भारत की समर्थन रेखा इस बात को दर्शाती है कि वह मध्य-पूर्व में स्थिरता एवं संवाद को महत्व देता है।


