शासक गठबंधन भारतीय जनता पार्टी-एनडीए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए अपनी प्रचार रणनीति तेज कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी तीन दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में जनसभाएँ करने जा रहे हैं। गुरुवार को वो भागलपुर और अररिया के फारबिसगंज में सभा करेंगे। इसके बाद सात नवंबर को औरंगाबाद तथा आठ नवंबर को बेतिया और सीतामढ़ी में रैलियाँ निर्धारित हैं।
इसी सिलसिले में अब तक प्रधानमंत्री की आठ रैलियाँ हो चुकी हैं और अब पाँच और रैलियों के साथ कुल मिलाकर 13 बड़ी सभाएँ आयोजित की जाएँगी।
यह संख्या पिछली बार के 12 रैलियों से अधिक है।
प्रचार अभियान का उद्देश्य राज्य में एनडीए की जमानत-मज़बूती करना और विपक्षी गठबंधनों के खिलाफ पकड़ बढ़ाना बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में रैलियों का दायरा और व्यापक होने की संभावना है क्योंकि राज्य की राजनीतिक हवा चुनाव की ओर तेज़ी से बढ़ रही है।
इस प्रचार दौरे से यह संकेत मिलता है कि बिहार को अगले विधानसभा चुनाव में केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अहम माना गया है, और प्रधानमंत्री स्वयं मोर्चा संभालें गए हैं। आगे के दिनों में इन रैलियों के जरिये क्षेत्र-वार जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की जाएगी।


