नई दिल्ली। इंडस्ट्रियल मशीनरी कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी टिप्को इंजीनियरिंग इंडिया के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फीका प्रदर्शन कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 89 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग सिर्फ 0.28 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 89.25 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर कंपनी के शेयर 84.81 रुपये के स्तर तक गिर गए। हालांकि बाद में लिवालों ने खरीदारी का जोर बना कर इस शेयर को सहारा दिया, जिससे इसकी स्थिति में सुधार होने लगा। दोपहर 11:45 बजे ये शेयर 88.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक 0.56 प्रतिशत के नुकसान में थे।
टिप्को इंजीनियरिंग इंडिया 60.55 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.70 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.12 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन फुली सब्सक्राइब नहीं हो सका था। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.66 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 68,03,200 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 39 करोड़ रुपये के 44,27,200 नए शेयर और 12 करोड़ रुपये के 13,55,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 8.45 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 15.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 13.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 35.98 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 101.36 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 133.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 86.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 8.42 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 25.68 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 37.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 37.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.56 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 12.50 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 33.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 31.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ है।
कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में ये 3.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 12.14 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 23.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 20.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था।


