नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 के 9 माह में मात्रा और वित्तीय दोनों क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। एनएमडीसी ने जनवरी में 5.56 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया और 4.79 मिलियन टन की बिक्री की, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उत्पादन में 9 फीसदी और बिक्री में 7 फीसदी की मजबूती है।
इस्पात मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि जनवरी तक कंपनी का उत्पादन बढ़कर 42.65 मिलियन टन हो गया, जो 19 फीसदी की सर्वोच्च वृद्धि है, जबकि बिक्री बढ़कर 39.73 मिलियन टन हो गई, जो वार्षिक आधार पर 9.7 फीसदी की वृद्धि है। एनएमडीसी ने स्थापना के बाद से वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम नौ माह में शानदार प्रदर्शन किया। आंकड़ों में बताया गया कि कंपनी के राजस्व में 22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 20,381 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पीबीटी में 5 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 7,280 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही पीएटी में 4 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 5,401 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि ईबीआईटीडीए बढ़कर 7,666 करोड़ रुपये हो गया, जो 5 फीसदी की वृद्धि है।
मंत्रालय के मुताबिक एनएमडीसी ने अपने शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर 2.50 रुपये का अंतरिम लाभांश भी घोषित किया। यह प्रदर्शन रिकॉर्ड मात्रा और निरंतर प्रचालन उत्कृष्टता के कारण ही संभव हुआ, जिससे एनएमडीसी भारत की सबसे मजबूत खनन कंपनियों में से श्रेष्ठ कंपनी के रूप में स्थापित हो गई है। इस्पात मंत्रालय ने बताया कि स्थापना के बाद से अब तक के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े हासिल करके एनएमडीसी अपने वार्षिक लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है। जनवरी में कंपनी की प्रथम कोयला खदान, झारखंड में टोकीसुद नॉर्थ कोयला खदान का उद्घाटन भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो एनएमडीसी के इतिहास में एक और बड़ी सफलता हासिल की है।


