राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम हुए कार धमाके के बाद अब मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए को सौंपा गया है।
पुलिस ने इस विस्फोट के संबंध में Unlawful Activities (Prevention) Act (यूएपीए) तथा विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें आतंकवाद की साजिश और संवैधानिक अस्थिरता को ध्यान में रखा गया है।
एनआईए को मामला सौंपने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि शुरुआती जांच में विस्फोट के पीछे ‘फरीदाबाद आतंकवादी मॉड्यूल’ से संबंधों के संकेत मिले हैं और अवस्था यह है कि यह घटना स्थानीय नहीं बल्कि कई-राज्यों और संस्थाओं से जुड़ी हो सकती है।
इस बीच राजधानी में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है — हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों सहित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कड़ी कर दी गई है।
गृह मंत्रालय की ओर से उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई थी जिसमें गृह मंत्री ने सभी जिम्मेदार एजेंसियों को निर्देश दिए कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अब आगे की प्रक्रिया में एनआईए फोरेंसिक विश्लेषण, इलाके की सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध कार के मालिक एवं चालक-पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे कई स्तरों पर विस्तारित हो सकती है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।


