वॉशिंगटन | अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) का महत्वाकांक्षी आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। चंद्रमा की 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा के बाद मिशन में शामिल चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित धरती पर वापस लौट आए हैं। 1972 के बाद यह पहला मौका है जब किसी मानव मिशन ने चंद्रमा के इतने करीब जाकर वापसी की है।
प्रशांत महासागर में हुई सुरक्षित लैंडिंग
नासा का ओरियन (Orion) अंतरिक्ष यान भारतीय समयानुसार 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरा। मिशन में शामिल चारों जांबाज यात्री—कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन पूरी तरह स्वस्थ हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बड़ी उपलब्धि पर नासा की टीम और अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई दी है।
मिशन की बड़ी उपलब्धियां
रिकॉर्ड दूरी: इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कुल 690,000 मील से ज्यादा का सफर तय किया।
10 दिनों का सफर: 1 अप्रैल को फ्लोरिडा से शुरू हुआ यह मिशन ठीक 10 दिन बाद सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
भविष्य की राह: इस मिशन की सफलता ने चंद्रमा पर फिर से इंसान के उतरने का रास्ता साफ कर दिया है।
अब ‘आर्टेमिस-3’ की तैयारी
आर्टेमिस-2 की शानदार कामयाबी के बाद नासा अब अपने अगले चरण ‘आर्टेमिस-3’ की तैयारी में जुट गया है। जहाँ इस मिशन में यात्री केवल चंद्रमा के पास से गुजरकर लौटे हैं, वहीं अगले मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों को सीधे चांद की सतह पर उतारा जाएगा।

