26 C
Kolkata
Sunday, April 12, 2026

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भारी भूस्खलन: कश्मीर का शेष भारत से संपर्क कटा, सैकड़ों वाहन फंसे

जम्मू । कश्मीर घाटी की जीवन रेखा माना जाने वाला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) सोमवार तड़के एक बार फिर मलबे की चपेट में आ गया। रामबन जिले में करोल ब्रिज और चंदरकोट के बीच हुए भीषण भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क पर भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी आने से राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों के पहिये थम गए हैं।

तड़के 3 बजे हुआ भूस्खलन
जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 3:00 बजे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, अचानक हुए इस भूस्खलन की वजह से 247 किलोमीटर लंबे इस रणनीतिक मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।

बीच राह में फंसे यात्री
राजमार्ग बंद होने के कारण जम्मू से श्रीनगर जा रहे और घाटी से जम्मू की ओर आ रहे सैकड़ों वाहन जहां-तहां फंसे हुए हैं। इनमें फल और आवश्यक सामग्री से लदे ट्रक के साथ-साथ बड़ी संख्या में यात्री वाहन भी शामिल हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे राजमार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लिए बिना यात्रा शुरू न करें।

रास्ता खोलने का कार्य जारी
राजमार्ग विभाग और संबंधित एजेंसियां भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच चुकी हैं। सड़क से मलबा और बड़े पत्थरों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाकर मार्ग को सुचारू करने में अभी कुछ समय और लग सकता है।

NH-44 की अहमियत: यह भारत का सबसे लंबा और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो उधमपुर, रामबन (रामसू) और बनिहाल के रास्ते जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है।

Related Articles

नवीनतम लेख