श्री जैन श्वेतांबर साधुमार्गी संघ, रांची के आचार्य भगवन श्री रामलाल जी मसा की चार आज्ञानुवर्ती साध्वियों शासन दीपिका समिया श्री जी मसा, श्री कामना श्री जी मसा, श्री सुधृति श्री जी मसा और श्री इहिता श्री जी मसा का रविवार को रांची में मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर रांची ओसवाल संघ के अध्यक्ष सुभाष बोथरा, उपाध्यक्ष घेवरचंद नाहटा, मूल चंद सुराणा, बलबीर जैन सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। टाटानगर और कोलकाता से भी बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंचे। प्रवास के दौरान साध्वियां शुभकरण बच्छावत के आवास पर विराजमान होंगी।
अपने प्रवचन में शासन दीपिका समिया श्री जी मसा ने जीवन रूपी रत्न के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य भौतिक सुखों की खोज में वास्तविक जीवन-धन को खो देता है। उन्होंने बताया कि आगे के जन्मों की गति हमारे वर्तमान कर्मों पर ही निर्भर करती है। साध्वी श्री जी ने नाना गुरुदेव की चिंतामणियों का पाठ कराया और बताया कि इनके माध्यम से आत्मशुद्धि कैसे संभव है। साथ ही 12 भावना का भी पाठ कराया, जिनका जैन धर्म में मन को शांत करने, बुरे विचारों को दूर करने और वैराग्य भाव उत्पन्न करने में विशेष महत्व है।
समता युवा संघ के अध्यक्ष राकेश बच्छावत ने कहा कि साध्वियों के प्रवास अवधि में प्रतिदिन सुबह प्रवचन, दोपहर में धर्म चर्चा और शाम को प्रतिक्रमण का आयोजन होगा। शाम का कार्यक्रम केवल महिलाओं के लिए रखा गया है।


