नई दिल्ली। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने बुधवार को ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को बिना चर्चा के ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विधेयक को सदन में विचार और पारित करने के लिए पेश किया। विपक्षी दलों के लगातार विरोध और हंगामे के बीच विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी और इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा से पारित यह विधेयक खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन का प्रावधान करता है। सरकार के अनुसार, संशोधन का उद्देश्य देश में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन को बढ़ावा देना तथा इस क्षेत्र को अधिक निवेश अनुकूल बनाना है।
विधेयक में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को प्रोत्साहित करने के साथ खनन क्षेत्र में निजी और अन्य निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि महत्वपूर्ण खनिज देश की औद्योगिक और रणनीतिक जरूरतों के लिए अहम हैं तथा इनकी उपलब्धता बढ़ाने से देश की खनिज सुरक्षा मजबूत होगी।
विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन में विधेयक पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। सरकार ने विधेयक को खनन क्षेत्र में सुधार और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
