शीतकालीन सत्र के पांचवें और अंतिम दिन झारखंड विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। शुरुआत में ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रवृत्ति के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने से हजारों छात्र परेशान हैं और सरकार को इस मामले की तुरंत जांच करानी चाहिए। मरांडी ने धान खरीद में हो रही गड़बड़ियों का भी मुद्दा उठाया और कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
तिलैया नहर योजना और स्मार्ट मीटर का मामला उठा
बरकट्ठा विधायक अमित यादव ने तिलैया नहर योजना की धीमी प्रगति पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि इस योजना के डीपीआर बनाने का निर्णय 2014–15 में लिया गया था, लेकिन अब तक कोई कागजी प्रगति नहीं हुई है। वहीं विधायक सुरेश बैठा ने स्मार्ट मीटर से जुड़े अनियमित बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गरीब उपभोक्ताओं को अचानक बढ़े हुए बिल मिल रहे हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आश्वासन दिया कि जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पीडीएस दुकानदारों के कमीशन भुगतान पर चर्चा
रांची के विधायक सीपी सिंह ने पीडीएस दुकानदारों को महीनों से कमीशन नहीं मिलने की शिकायत उठाई। उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 25 हजार दुकानदार भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इस पर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मामला केंद्र सरकार के पोर्टल से जुड़ा है और तकनीकी समस्याओं के कारण देरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिया कि जल्द ही सभी दुकानदारों को कमीशन भुगतान कर दिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी केंद्र के सहयोग की कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि कई ग्रामीण योजनाएं केंद्र की उदासीनता के कारण अटकी हुई हैं।


