झारखंड में एक पुराने जमीन घोटाले की जांच को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई की है। ACB ने नेक्सजेन ऑटोमोबाइल कंपनी के मालिक विनय कुमार सिंह के छह विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की है। इस छापेमारी को 2013 में हुई अवैध जमाबंदी से जुड़े आरोपों की जांच के तहत अंजाम दिया गया है।
सुबह के समय शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान ACB टीम ने हजारीबाग जिले में विनय सिंह के आवास, उनके शोरूम और अन्य परिसरों पर दस्तावेजों की तलाशी ली। आरोप है कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों के सहयोग से वन भूमि को गैर-वन उपयोग में दर्ज कराया तथा जमाबंदी करवा ली। उस ज़मीन को पहले हजारीबाग के डीसी कार्यालय और राजस्व विभाग ने अवैध ठहराया था।
जांच से यह बात सामने आई है कि उक्त भूमि सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट के आदेशों के तहत संरक्षित वन क्षेत्र श्रेणी में आती है, परन्तु उसे गलत तरीके से दाखिल-खारिज कर दिया गया। यह भी आरोप है कि जब विनय चौबे हजारीबाग के डीसी पद पर थे, तब यह प्रक्रिया हुई थी। ACB ने इस मामले में हजारीबाग थाने में कांड संख्या 11/25 के अंतर्गत कार्रवाई शुरू की है।
इससे पहले, तीन दिन पहले (25 सितंबर को) ACB ने विनय कुमार सिंह को इस घोटाले में गिरफ्तार किया था। आरोपियों की जांच में यह भी पता चला है कि इस जमीन की बंदरबांट में करोड़ों रुपये का खेल हुआ है और इसमें उनके और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।


