रांची | रांची स्थित होटवार जेल (बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार) में एक महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। अदालत ने इस संवेदनशील मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए राज्य सरकार और झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) से सीधा जवाब तलब किया है।
“उच्च सुरक्षा वाली जगह में ऐसी घटना गंभीर चिंता का विषय” – हाईकोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के डीजीपी को कड़ा निर्देश दिया है कि पूरे मामले की एक विस्तृत और गहन जांच रिपोर्ट (Detailed Investigation Report) दो सप्ताह के भीतर हर हाल में अदालत के समक्ष पेश की जाए। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए साफ कहा कि जेल जैसी अति-सुरक्षित और संवेदनशील जगह में अगर किसी महिला कैदी के साथ इस तरह की वारदात होती है, तो यह कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर एक बेहद गंभीर और चिंताजनक सवालिया निशान है।
कोर्ट ने दागे तीखे सवाल, 8 जून को होगी अगली सुनवाई
माननीय अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से रिपोर्ट मांगते हुए कुछ तीखे सवाल भी पूछे हैं। कोर्ट ने जानना चाहा है कि:
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जेल प्रशासन की आंतरिक जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं?
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इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद चूक किस स्तर पर और कहां हुई?
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इस घिनौने कृत्य में शामिल दोषियों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है?
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जून 2026 की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन डीजीपी को अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखनी होगी। इस सख्त कदम के बाद अब गृह विभाग और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

