नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। सीजफायर के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद उपजे तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को उबाल पर ला दिया है। गुरुवार को डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड में 3.5 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़त देखी गई, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 2.5 प्रतिशत से ज्यादा उछल गया।
तनाव के पीछे के मुख्य कारण
पश्चिम एशिया में हालात तब बिगड़े जब अमेरिका ने ईरान की सीजफायर शर्तों को ‘बेतुका’ करार दिया। इसके तुरंत बाद इजरायल द्वारा लेबनान में किए गए भीषण हमले में लगभग 250 लोगों की जान जाने की खबर है। भड़के ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ को बंद करने की चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि यदि सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन हुआ, तो वहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा। खबरों के अनुसार, ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत और यूएई सहित कई खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट का गहराता डर
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल भंसाली के अनुसार, सीजफायर की विफलता दुनिया को बड़े संकट में डाल सकती है। हॉर्मुज स्ट्रेट के ठप होने से दुनिया की 20 से 30 प्रतिशत तेल और नेचुरल गैस की आपूर्ति रुक गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत हुई, तो उत्पादन और सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं।

