ब्रांड नई समीक्षा में, रेटिंग एजेंसी Moody’s ने अनुमान लगाया है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2025 से 2027 तक औसतन लगभग 6.5 % की दर से बढ़ेगी।
एजेंसी ने कहा है कि इस वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से दो कारक हैं — एक, सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निवेश और दो, घरेलू उपभोक्ता मांग की मजबूती।
साथ ही, एजेंसी ने यह संकेत भी दिया है कि हालांकि निजी क्षेत्र में पूंजी निवेश अभी सतर्क बना हुआ है, लेकिन भारत ने विदेशी व्यापार में होने वाले झटकों और Donald Trump शासन द्वारा लगाए गए टैरिफ (शुल्क) के बावजूद अपनी निर्यात नीति को मोड़ने में कामयाबी पाई है। उदाहरण के तौर पर, अमेरिकी टैरिफ के चलते अमेरिकी बाजार में निर्यात गिरा है, लेकिन कुल निर्यात में वृद्धि हुई है।
टैरिफ-दबाव के बावजूद Moody’s ने कहा है कि अमेरिकी शुल्कों का भारत की समग्र आर्थिक वृद्धि पर विशाल प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है — इसके पीछे घरेलू मांग, निर्यात जुगाड़ और अर्थव्यवस्था की आंतरिक लचीलापन मुख्य हैं।
हालाँकि, एजेंसी ने चेतावनी भी दी है कि भविष्य में भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार अस्थिरता तथा निजी क्षेत्र की निवेश्-रुचि में कमी जैसे जोखिम बने हुए हैं।
इस प्रकार, भारत अगले कुछ वर्ष अपने समकक्ष विकसित एवं विकासशील देश समूह में अग्रिम पंक्ति में रहने की स्थिति में दिख रहा है, बशर्ते घरेलू नीतियाँ, निवेश एवं निर्यात-रणनीतियाँ संतुलित व सक्रिय बनी रहें।


