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Saturday, February 14, 2026

मानव तस्करी का बड़ा खुलासा : 3 साल पहले बेची गई नाबालिग राजस्थान से बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

  • चैनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 3 साल बाद बेटी से मिलकर छलक पड़े परिजनों के आंसू
  • एसआई राजेंद्र मंडल की सक्रियता से दिल्ली से भी एक अन्य 15 वर्षीय किशोरी का हुआ रेस्क्यू

चैनपुर : चैनपुर पुलिस ने मानव तस्करी के एक बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन साल पहले (सितंबर 2023) गायब हुई चैनपुर थाना क्षेत्र के मालम गांव की एक नाबालिग को राजस्थान से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पूपेन एक्का (निवासी तिगावल डांड़टोली) को 13 फरवरी 2026 को गुमला से गिरफ्तार कर लिया है। मात्र एक सप्ताह के भीतर पीड़िता की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी चैनपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

धोखे से ले गई थी रांची फिर राजस्थान में उम्रदराज व्यक्ति से करा दी शादी : पीड़िता के पिता अनिल एक्का द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सितंबर 2023 में उनकी 16 वर्षीय बेटी मकई लेकर अपनी बहन की ननद पूपेन एक्का के घर गई थी जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पूछताछ करने पर पूपेन की मां ने बताया कि वह रांची में काम करने गई है। कुछ दिनों बाद बेटी ने फोन पर कहा कि ‘हमलोग रांची के बड़े अस्पताल में काम करते हैं पैसों की जरूरत हो तो 10 हजार रुपये ले लीजिए। इस बात से परिजनों को संदेह हुआ। दो साल तक बेटी का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच एक दिन दो अनजान युवक बाइक से आए और परिजनों को नाबालिग का सिंदूर लगा हुआ आधार कार्ड सौंपकर बताया कि पूपेन ने उसकी शादी राजस्थान के एक उम्रदराज व्यक्ति से करा दी है।

एनजीओ की मदद के बाद भी खाली हाथ लौटे थे परिजन : जब परिजनों ने आरोपी पूपेन पर दबाव बनाया तो उसने दिल्ली चलने को कहा। जुलाई 2025 में पीड़िता की मां सलोमिना एक्का आरोपी पूपेन और मालम निवासी अनुप एक्का के साथ दिल्ली गईं। वहां से एक एनजीओ के माध्यम से मां राजस्थान भी पहुंची लेकिन सही पता न होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था।

एसआई राजेंद्र मंडल की मेहनत लाई रंग, दिल्ली से भी एक किशोरी मुक्त : मामले की जांच कर रहे चैनपुर थाने के अनुसंधानकर्ता पु.अ.नि. (SI) राजेंद्र मंडल के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि परिजनों को केवल इतना पता था कि बेटी को राजस्थान में बेचा गया है। कड़ी मशक्कत और सक्रियता दिखाते हुए एसआई राजेंद्र मंडल ने सुराग जुटाए और महज तीन दिन पूर्व पीड़िता को राजस्थान से ढूंढ निकाला। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दिल्ली से भी एक 15 वर्षीय बालिका स्मिता मिंस को रेस्क्यू कर सुरक्षित वापस लाया है।

भावुक हुए परिजन, पुलिस को दिया धन्यवाद : तीन साल बाद अपनी खोई हुई बेटी को सही सलामत सामने देखकर परिजनों की आंखें छलक पड़ीं। उन्होंने राहत की सांस ली और इस सराहनीय कार्य के लिए चैनपुर पुलिस व एसआई राजेंद्र मंडल का हृदय से आभार व्यक्त किया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी पूपेन एक्का से आगे की पूछताछ कर रही है जिससे मानव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े और भी कई खुलासे होने की उम्मीद है।

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