नई दिल्ली। आईटी सेक्टर के शेयरों में कोहराम की स्थिति बन जाने के कारण घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट का रुख बना हुआ है। आज आईटी सेक्टर की कंपनियों, खासकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजी और विप्रो के शेयर दिन के पहले सत्र के कारोबार में आठ प्रतिशत तक की गिरावट का शिकार हो गए। हालांकि, बाद में खरीदारी का सपोर्ट मिलने पर इन कंपनियों की स्थिति में मामूली सुधार भी हुआ।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी चिताओं की वजह से आईटी सेक्टर के शेयर आज बाजार खुलते ही गिरावट का शिकार हो गए। निफ्टी का आईटी इंडेक्स शुरूआती कारोबार में पांच प्रतिशत तक फिसल गया। इसके पहले कल यानी गुरुवार को भी आईटी इंडेक्स 5.51 प्रतिशत की गिरावट का शिकार होकर बंद हुआ था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरों की आशंका के कारण साल 2026 में अभी तक आईटी इंडेक्स में 17.5 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण आईटी सेक्टर में चिंता का माहौल बना हुआ है, जिसकी वजह से दुनिया भर के शेयर बाजारों में आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर धराशाई हो गए हैं। निवेशकों को इस बात की आशंका है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से आईटी सेक्टर की कंपनियों के बिजनेस मॉडल को नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि आईटी कंपनी के शेयरों पर लगातार दबाव बना हुआ है। वॉल स्ट्रीट से लेकर यूरोपीय और एशियाई बाजार में आईटी सेक्टर बिकवाली के दबाव का सामना कर रहा है। अमेरिका में लिस्टेड इंफोसिस के एडीआर (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट) पिछले सत्र के कारोबार के दौरान 10 प्रतिशत की गिरावट का शिकार हो गए। इसी तरह विप्रो के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट में पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार आईटी सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ऑटोमेशन से आईटी सेक्टर के लिए काम करने वाली भारतीय कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से जिन आईटी कंपनियों का मॉडल लेबर बेस्ड सर्विस पर ज्यादा निर्भर है, उनके मार्जिन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी आशंका के कारण निवेशकों के मन में डर की भावना बनी है, जिससे आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज बिकवाली हो रही है।


