नई दिल्ली/रांची । राज्यसभा के पूर्व उपसभापति और वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर उच्च सदन के सदस्य बन गए हैं। भारत की राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत (Nominated) किया है। सार्वजनिक जीवन और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके सुदीर्घ अनुभव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
झारखंड और पत्रकारिता से गहरा नाता
हरिवंश नारायण सिंह का चयन न केवल संसदीय राजनीति बल्कि झारखंड के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने दशकों तक सक्रिय पत्रकारिता की है और हिंदी पत्रकारिता के मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यसभा के उपसभापति के रूप में उनके कार्यकाल को उनकी निष्पक्षता और सदन के संचालन की कुशलता के लिए याद किया जाता है।
भारत के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों से विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले 12 सदस्यों को राज्यसभा के लिए मनोनीत करते हैं। हरिवंश जी का मनोनयन इसी कोटे के तहत किया गया है।
उनकी वापसी से उच्च सदन को एक बार फिर एक अनुभवी नीति-नियंता और मर्यादित संसदीय परंपराओं के संवाहक का साथ मिलेगा।

