इंदौर — आगामी हिन्दी फिल्म ‘HAQ’, जिसकी रिलीज 7 नवंबर को निर्धारित है, को लेकर चल रही कानूनी जंग में एक महत्वपूर्ण फैसला आया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने Shah Bano Begum की पुत्री द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाने की मांग की गई थी।
याचिका दायर करने वाले पक्ष का दावा था कि फिल्म में शाह बानो के जीवन-घटनाओं को उनके परिवार की अनुमति के बिना, त्रुटिपूर्ण रूप में पेश किया गया है। याचिकाकर्त्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी माँ की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है और फिल्म द्वारा उनके निजी जीवन का वृत्तांत-प्रसारण हो रहा है।
दूसरी ओर, फिल्म निर्माता यह तर्क दे रहे थे कि यह फिल्म एक काल्पनिक कथा है, जो एक सार्वजनिक मामले से प्रेरित है, और उसमें स्पष्ट रूप से एक डिस्क्लेमर शामिल है कि ‟यह पूर्णतः आधारित नहीं है, बल्कि प्रेरणा-भूत और नाटकीय रूपांतरण है।”
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा जीवित रहते हुए अर्जित की गई प्रतिष्ठा (reputation) या निजता (privacy) मृत्युपरांत विरासत-स्वरूप नहीं होती। इस तथ्य को देखते हुए, फिल्म को रोकने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।


