नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर बढ़ती बयानबाजी ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। जहाँ अमेरिका ने ईरान की शर्तों को ‘बेतुका’ बताया है, वहीं ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी है। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण आज एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों की बढ़त पर ब्रेक
पिछले सत्र में सीजफायर की खबरों से झूम उठे ग्लोबल मार्केट्स अब गिरावट की ओर हैं। पिछले सत्र का हाल कुछ ऐसा था:
वॉल स्ट्रीट में उछाल: नैस्डेक 2.80% और एस एंड पी 500 2.51% की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
यूरोप में तेजी: डीएएक्स और सीएसी जैसे इंडेक्स 4% से अधिक चढ़कर बंद हुए थे।
ताजा स्थिति: आज डाउ जॉन्स फ्यूचर्स और गिफ्ट निफ्टी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जो बाजार में घबराहट का संकेत है।
एशियाई बाजारों में लाल निशान, कोस्पी और निक्केई फिसले
सीजफायर फेल होने की आशंका ने एशियाई निवेशकों का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। थाईलैंड को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं: कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 1.59% की बड़ी गिरावट के साथ 5,779 के स्तर पर। निक्केई (जापान): 422 अंक फिसलकर 55,886 के स्तर पर पहुँचा। गिफ्ट निफ्टी: 135 अंकों से ज्यादा टूटकर भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है।
चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी गिरावट का रुख बना हुआ है।

