नैनीताल। जनपद नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने अधिक ब्याज और गारंटी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी के एक बड़े मामले का गुरुवार को अनावरण किया है। इस प्रकरण में एक वर्ष से अधिक समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपितों को पुलिस ने लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार देवभूमि बहुदेशीय स्वायत्त सहकारिता नामक संस्था वर्ष 2017 में हल्द्वानी और रामनगर में खोली गई थी। उत्तराखंड सरकार से पंजीकरण का हवाला देकर आरोपितों ने अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल सहित कई जनपदों के नागरिकों से निवेश कराया। जांच में सामने आया कि हजारों जमाकर्ताओं से करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये एकत्र कर संस्था के संचालक हेम चंद्र पंत और विकास दुर्गापाल ने सहयोगियों के साथ मिलकर गबन किया और फरार हो गए।
कोतवाली रामनगर में दर्ज अभियोग के तहत जांच के दौरान दोनों शाखाएं बंद पाई गईं और आरोपितों के खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ। न्यायालय से वारंट और कुर्की आदेश प्राप्त कर दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ में दबिश दी गई, जिसके बाद चार फरवरी को दोनों मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपित हेम चंद्र पंत निवासी कुसुमखेड़ा मुखानी और विकास दुर्गापाल निवासी डहरिया हल्द्वानी हैं। पुलिस के अनुसार इनके विरुद्ध अन्य थानों में भी ठगी से जुड़े अभियोग पंजीकृत हैं और गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है। एसएसपी ने सफल कार्यवाही पर पुलिस टीम को नकद पुरस्कार दिया और आमजन से अपील की कि अधिक लाभ के लालच से बचें तथा किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।


