दिल्ली के Red Fort के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके की जांच अब तीव्र गति से आगे बढ़ रही है।घटना के दो दिन बाद भी जांचकर्ताओं को कई ऐसे नए तथ्य मिले हैं, जिनसे अब चार महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आए हैं।
पहला प्रश्न — स्थान क्यों चुना गया?
घटना उस व्यस्त चौराहे पर हुई जहाँ गाड़ियों की आवाजाही और भीड़ अधिक होती है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस जगह को जानबूझकर इसलिए चुना गया हो सकता है क्योंकि सुरक्षा की दृष्टि से अपेक्षाकृत संवेदनशील क्षेत्र है।
दूसरा प्रश्न — क्या हमला पूर्व नियोजित था या आकस्मिक?
अब तक प्राप्त जानकारी से शुरुआती विश्लेषण में यह संकेत मिलता है कि विस्फोटक उपकरण हो सकता है कि एक सोची-समझी योजना का हिस्सा था, लेकिन जांच में यह संभावना भी आ रही है कि डर या घबराहट के कारण अचानक इस तरह की घटना हो गई हो।
तीसरा प्रश्न — क्या कार के बोनट (Bonnet) में डेटोनेटर छुपाया गया था?
प्रारंभिक फोरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज दर्शाते हैं कि धमाके में शामिल कार के बोनट में असामान्य स्थिति देखी गई थी — बोनट आंशिक रूप से बंद था और वहीं ट्रेस के रूप में अमोनियम नाइट्रेट पाए गए हैं। इसे देखकर यह संभावना जताई जा रही है कि डेटोनेटर और विस्फोटक सामग्री बोनट में छिपाई गई थी।
चौथा प्रश्न — घटना के समय गाड़ी में कौन-कौन था?
जांच में यह बात सामने आई है कि कार में किसी अन्य व्यक्ति का होना या न होना अभी स्पष्ट नहीं है। शुरुआती रिपोर्ट्स में दो लोग बताए गए थे, लेकिन कुछ सीसीटीवी एवं फोरेंसिक सबूत यह संकेत दे रहे हैं कि उस वक्त गाड़ी में केवल मुख्य संदिग्ध ही था।
जांच एजेंसियाँ इन चार बिंदुओं पर केंद्रित हैं और अब तक मिले सुरागों के आधार पर आगे की पड़ताल कर रही हैं — जैसे चालक-पहचान, गाड़ी के रूट का विश्लेषण, विस्फोटक सामग्री का स्रोत एवं सोशल नेटवर्किंग ट्रेसेस। सुरक्षा-बाहुल्य क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और कई जगह गश्त एवं वाहन-चेकिंग कर्मियों द्वारा सक्रिय की गई है।


