देश की राजधानी दिल्ली में वाराणसी स्थित लाल किला के पास 10 नवंबर को हुई कार विस्फोट घटना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आतंकवादी हमला घोषित कर दिया है।
मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता नरेंद्र मोदी ने की, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि घटना की जांच अत्यंत तीव्रता और पेशेवर ढंग से की जाए।
घटना में दर्ज लोगों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विस्फोट ने नागरिकों में खौफ फैला दिया है और अग्रिम सुरक्षा जांच बहुतायत में बढ़ा दी गई है। मंत्रालय ने विभिन्न स्थल व व्यक्ति-से संबंधित निगरानी बढ़ाने, वाहन-रूट चेकिंग सख्त करने तथा संदिग्ध लोगों के ट्रैकिंग को तेज करने के निर्देश दिये हैं।
मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कृत्यों को राज्य व समाज की सुरक्षा के खिलाफ माना जाता है तथा दोषियों की समयोचित गिरफ्तारी व उनके सहयोगियों/सहायकों की खोज में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
इस निर्णय से यह संकेत मिलता है कि सरकार इस हमले को सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि पूर्व नियोजित आतंकी साजिश के रूप में देख रही है — और इसके लिए उच्च स्तरीय एजेंसियों को तैनात किया जा रहा है। आगे की जांच में फोरेंसिक परीक्षण, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, वाहन-मालिकाना ट्रैकिंग व आतंकवादी नेटवर्क तक पहुँचने के प्रयास प्रमुख रहेंगे।


