पूर्वी सिंहभूम। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन ने सबल–ज्ञानोदय केंद्र में डे विदआउट डिमांड्स का आयोजन किया।
कार्यक्रम में बच्चों पर किसी भी तरह का दबाव, निर्देश या प्रदर्शन की अपेक्षा नहीं रखी गई। इसके बजाय पूरे वातावरण को इस तरह ढाला गया कि वह बच्चों की संवेदनात्मक, भावनात्मक और संवाद संबंधी जरूरतों के अनुरूप हो। सबल–ज्ञानोदय में चर्चा कक्ष को एक लचीले और सहज स्थान में बदल दिया गया, जहां फर्श पर मैट, सॉफ्ट प्ले सामग्री और खुली जगह उपलब्ध कराई गई, ताकि बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार बैठ सकें, लेट सकें, घूम सकें या केवल आसपास के माहौल को महसूस कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कागज, रंग और मिट्टी जैसे खुले रचनात्मक साधन दिए गए, जिनमें किसी प्रकार का विषय या निर्देश नहीं था।
इस पहल में अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया, ताकि वे अपने बच्चों के व्यवहार और उनकी सहजता को बेहतर तरीके से समझ सकें और घर तथा स्कूल के वातावरण में समन्वय स्थापित कर सकें।

