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Wednesday, March 4, 2026

करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर क्रिमिनल संटू गिरफ्तार

रामगढ़। देश के कई बड़े स्क्रैप व्यापारियों के अलावा सैकड़ों लोगों को ठगने वाला साइबर क्रिमिनल संटू, पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। रामगढ़ पुलिस की सक्रियता से संटू उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन को गोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से छह मोबाइल, 4.50 लाख रुपये नगद और एक बुलेट मोटरसाइकिल जब्त किया गया है। यह जानकारी शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान एसपी अजय कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि संटू उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन मूल रूप से बिहार राज्य के नालंदा जिला अंतर्गत परवलपुर थाना के मोआ, बंगपुर का रहने वाला है। वह लगभग 12 साइबर ठगी के मामलों में शामिल रहा है। इसके अलावा स्क्रैप के व्यापारियों को अगवा कर उनसे मोटी रकम वसूली करने वाली गैंग में सक्रिय सदस्य रहा है। यहां तक कि महाराष्ट्र के एक व्यापारी की हत्या में भी यह शामिल रहा है। इसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। एसपी ने बताया कि पुलिस से छुपने के लिए संटू ने रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र को चुना था। पिछले नौ महीने से वह गोला क्षेत्र के हेरमदगा गांव में रिटायर्ड इंजीनियर कृष्ण कुमार प्रसाद के घर में किराए के कमरे में रह रहा था। यहीं से साइबर क्राइम कर रहा था।
एसपी अजय कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान संटू उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन ने 12 व्यापारियों को लूटने की बात स्वीकारी है। जनवरी 2025 में राजकोट के कौशिक केडिया से सात लाख, जितेश कुमार से पांच लाख, सोमनाथ पटेल से चार लाख, महाराष्ट्र के महेश भाई से पांच लाख, गुजरात के संभाजी से आठ लाख, रितु कास्टिंग कंपनी के मालिक का अपहरण कर 10 लाख, दीपक कुमार कनोडिया से सात लाख, पुणे के रहने वाले संभाजी से सात लाख, कौशिक भाई से 30 लाख रुपये की जबरन वसूली करने में यह शामिल रहा है। अभी तक कुल एक करोड़ 60 लाख रुपये की ऑनलाइन वसूली की बात इसने स्वीकारी है। साइबर ठगी से वसूली गई रकम से संटू ने तीन एप्पल का मोबाइल, रॉयल एनफील्ड बुलेट बीआर 21 एफ 8055, अपने जीजा रतन मंडल के नाम से ब्लैक स्कॉर्पियो की खरीद की है।
एसपी अजय कुमार ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने महाराष्ट्र राज्य के पुणे में स्थापित रतनदीप कास्टिंग के मालिक लक्ष्मण शिंदे को पटना बुलाया था। 11 अप्रैल 2025 को फर्जी कंपनी के मीटिंग के नाम से पटना बुलाया और हवाई अड्डा से उसका अपहरण कर लिया और उसे हिलसा में रखा। इसके बाद शिंदे के परिवार से 12 लाख रुपये उसी के खाते में मंगवाए गए। लक्ष्मण शिंदे से एटीएम का पिन कोड पूछने पर उसने कई बार गलत कोड बताया। इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने उसके साथ तब तक मारपीट की जब तक की उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद लाश को जहानाबाद के घोसी थाना क्षेत्र में फेंक दिया। इस मामले में शिवराज सागी उर्फ़ रंजीत पटेल उर्फ मुन्ना, संगीता कुमारी उर्फ छोटी, विकास कुमार उर्फ मोहित यादव, कुंदन कुमार, लाल बिहारी, विपत्र कुमार, सचिन रंजन, सुमित कुमार उर्फ जीतू, संतोष कुमार को पटना एयरपोर्ट पुलिस की ओर से गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद से ही संटू और उसके बच्चे हुए सहयोगी फरार चल रहे थे।

संटू उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन के गैंग में शामिल लोग लोहा, तांबा, एल्यूमिनियम और स्क्रैप के धंधे में शामिल लोगों को सोशल मीडिया पर ढूंढते थे। उन्हें 100 करोड़ से ऊपर के स्क्रैप की डीलिंग का झांसा देते थे। दूसरे राज्यों के व्यापारियों को पटना बुलाकर उनका अपहरण करते थे। साथ ही उनके ही बैंक खाते में पैसे मांगा कर उसे लूट लेते थे।

एसपी अजय कुमार ने बताया कि संटू उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन कई बैंकों का वेबसाइट भी हैक करता था। जब कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करता था तो वह कस्टमर केयर बनकर लोगों को फोन करता था। बड़ी सफाई से वह लोगों के मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल करवाता और उनके मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर लेता था। वह सारा डिटेल अपने अन्य साइबर फ्रॉड के साथी को जामताड़ा और देवघर में शेयर करता था अलग-अलग लोग अलग-अलग तरीके से साइबर फ्रॉड करते थे। मोबाइल एक्सेस मिलने पर वह लोगों के बैंक खाते तक पहुंचते थे और बैलेंस देखकर उसे उड़ा लेते थे।

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