चाइल्ड ट्रैफिकिंग मामले में सीआईडी डीजी हाई कोर्ट में हुए हाजिर

बिरसा भूमि लाइव

  • बताया- गुमशुदा दोनों बच्चों को आधार कार्ड के बायोमेट्रिक के आधार पर खोजना संभव नहीं

रांची : साहिबगंज में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े एक मामले में आरोपित कुलदेव साह की दो क्रिमिनल अपील पर सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में हुई। कोर्ट के आदेश के आलोक में सीआईडी डीजी कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए। उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि गुमशुदा दोनों बच्चों का बायोमेट्रिक्स यानी फिंगरप्रिंट्स, आंखों के रेटिना उपलब्ध कराना संभव नहीं है, यह काफी जटिल प्रक्रिया है। जिस समय ये दोनों बच्चे गायब हुए थे उस समय उनकी उम्र काफी कम थी। ऐसे में आधार कार्ड के बायोमेट्रिक के आधार पर उनको खोजना संभव नहीं है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सविता कुमारी ने पैरवी की। इससे पहले मामले के अनुसंधानकर्ता भी कोर्ट में उपस्थित थे। पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि गुमशुदा दोनों बच्चों की तलाश जारी है। अगली सुनवाई 12 जून निर्धारित की गई है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कुलदेव साह एवं पप्पू शाह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि कुलदेव साह व वीरेन साह के खिलाफ परिवादी एम हेंब्रम ने साहिबगंज कोर्ट में अपने बेटे की चाइल्ड ट्रैफिकिंग करने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका बच्चा वर्ष 2018 से लापता है।

Related Articles

Stay Connected

1,005FansLike
200FollowersFollow
500FollowersFollow

Latest Articles