रामगढ़ | बुधवार देर रात मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, मां रूपी सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री का स्वागत जिला प्रशासन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। उनके आगमन से पूरे गांव में उत्साह और उल्लास का माहौल छा गया। हेमंत सोरेन इस बार भी अपने पैतृक गांव में समाज के लोगों के साथ बाहा त्योहार में शामिल होने आए हैं।
मुख्यमंत्री हर साल होली के दिन या इसके बाद गांव में आकर ग्रामीणों से मिलते हैं और जाहेर स्थान पर आयोजित बाहा पूजा में सम्मिलित होते हैं। इस वर्ष भी वे आदिवासी समाज के साथ मिलकर बाहा पर्व मनाने और पारंपरिक पूजा-अर्चना में सहभागी बनने के लिए उपस्थित हुए हैं।
गुरुवार को वे विधि-विधान के साथ ग्रामीणों के साथ बाहा पूजा करेंगे। पारंपरिक पूजा की सभी रस्में निभाने की जिम्मेदारी पाहन पर रहेगी। जाहेर स्थान को पूरी तरह साफ-सुथरा किया गया है, जहां ग्रामीण मुख्यमंत्री के साथ मिलकर धूमधाम से पूजा में भाग लेंगे।
बाहा पूजा के लिए नाइके बाबा का चयन 16 फरवरी को किया गया था। चेतन टुडू को सर्वसम्मति से नाइके बाबा चुना गया है, जो इस वर्ष की पूजा का संचालन करेंगे।
मुख्यमंत्री की यात्रा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल को हर जगह तैनात किया गया है। डीसी फैज अहमद मुमताज और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने व्यवस्थाओं पर खुद निगरानी रखी।
मुख्यमंत्री का नेमरा में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है। उनके आने से ग्रामीणों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाहा त्योहार में उनकी उपस्थिति को आदिवासी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक एकता के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।


