मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त 66 पशु चिकित्सकों को सौंपा नियुक्ति पत्र

बिरसा भूमि लाइव

  • नियुक्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार ने बनाया है कानून, नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली करने वाले संस्था और संबंधित अधिकारी जाएंगे जेल : मुख्यमंत्री
  • व्यवसायिक पशुपालन के लिए पशुपालकों को सुविधा और मार्गदर्शन दें : हेमन्त सोरेन
  • राज्य में बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी क्षेत्र में नियुक्तियों का सिलसिला जारी
  • सभी के सहयोग से राज्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं
  • राज्य की बुनियाद को मजबूत करने का कर रहे काम
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रांची : राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में आज आपको भी नियुक्ति पत्र देने का मौका मिल रहा है। यहां आपको सिर्फ नियुक्ति पत्र नहीं मिल रहा है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के रूप में पुरानी पेंशन योजना से भी आप जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने नवनियुक्त 66 पशु चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने पशु चिकित्सकों से कहा कि आज नियुक्ति पत्र को लेकर आपका जो उत्साह देखने को मिल रहा है, यह आपके कार्यों में भी हमेशा बना रहे , यह उम्मीद रखता हूं। आप अपनी दायित्वों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएं, आपके साथ सरकार हमेशा खड़ी रहेगी।

आज से आप सरकार के अभिन्न अंग हैं : मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सकों से कहा कि आप आज से सरकार के अभिन्न अंग बन रहे हैं। विशेषकर आप जिस सेवा से जुड़ रहे हैं, वह इस राज्य का मूल आधार है। कृषि और पशुपालन का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीणों की आय कैसे बढ़े, इसपर सरकार का विशेष फोकस है। इसमें आपको ग्रामीणों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने होंगे। सरकार के संसाधनों का बेहतर से बेहतर उपयोग कैसे हो, इसे भी सुनिश्चित करना है। आपके सहयोग से ही राज्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।

हमारे किसान- पशुपालक सशक्त बनें, इसपर सरकार का विशेष जोर : मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे गांव कैसे समृद्ध हों? किसान- पशुपालक कैसे सशक्त बनें ? लोग कैसे स्वस्थ रहें? इसी परिकल्पना के साथ सरकार काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि राज्य कुपोषण मुक्त हो। इसके लिए हमारी सरकार मुख्यमंत्री पशुधन योजना के माध्यम से पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

व्यावसायिक पशुपालन अपने पर विशेष जोर : मुख्यमंत्री ने कृषि और पशुपालन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह ग्रामीण इलाकों में एक और दो एकड़ जमीन का पैक बनाएं। यह जमीन पशुपालकों को लीज़ पर दें। उन्हें आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएं उन्हें मार्गदर्शन भी दें, ताकि वे व्यवसायिक पशुपालन करने के लिए आगे आएं। इससे पशुपालकों कि आय भी बढ़ेगी और अंडा-मछली इत्यादि के उत्पादन में राज्य आत्मनिर्भर होगा।

राज्य की नींव मजबूत होगी तो हर चुनौती से निपट लेंगे : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के साथी हमें कोरोना महामारी का सामना करना पड़ा। इस महामारी से निजात मिली तो सुखाड़ की स्थिति झेलनी पड़ी। लेकिन, चुनौतियां के बीच सरकार राज्य की बुनियाद मजबूत करने की दिशा में लगातार काम करती आ रही है। इसी का नतीजा है कि आज राज्य विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ चला है। मेरा मानना है कि अगर बुनियाद मजबूत होगी तो हर चुनौती को आसानी से झेल लेंगे। इसी संकल्प के साथ हम अपने कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।

गरीब घर का नौजवान भी अधिकारी बनकर राज्य की कर रहा सेवा : मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय नियुक्ति पत्र देना भी काफी चुनौतीपूर्ण है। नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के साथ उसे विवादों में लाने की कोशिश शुरू हो जाती है। कुछ समूह साजिश के तहत नियुक्ति प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन, हमारी सरकार में जितनी भी नियुक्तियां हुई है, उसमें कोई विवाद नहीं हुआ है। आज गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवार का नौजवान भी डीएसपी और डिप्टी कलेक्टर बनकर राज्य की सेवा कर रहा है।

नियुक्तियों में धांधली और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी नियुक्ति में कोई धांधली और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी सरकार ने एक कानून बनाया है,जिसमें किसी भी नियुक्ति में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की धांधली और भ्रष्टाचार की बात सामने आएगी तो संबंधित संस्था और पदाधिकारी जेल में होंगे। उन्होंने मंच से ही पशु चिकित्सकों से पूछा कि क्या आपसे किसी ने नौकरी के लिए घूस लिया है। अगर लिया है तो उसका नाम बताएं, वह जेल में होगा । यह मुख्यमंत्री का वादा है।

इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता और कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्री बादल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता सचिव अबु बकर सिद्दीकी समेत कई पदाधिकारी मौजूदथे।

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