रामगढ़ | रसिद्ध सिद्ध पीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर में चैत्र नवरात्र के अवसर पर भक्ति और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप, मां कालरात्रि की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मंदिर का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी है। संध्या आरती के दौरान मां का आकर्षक श्रृंगार किया गया, जो वहां मौजूद भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दरबार में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर की भव्य सजावट में कोलकाता से आए लगभग 17 कारीगरों का विशेष योगदान है, जिन्होंने इसे एक अद्वितीय रूप प्रदान किया है। मंदिर को देशी और विदेशी फूलों से सुसज्जित किया गया है, जिनमें से कुछ फूल विशेष रूप से कोलकाता से मंगवाए गए हैं। मुख्य मंदिर का प्रवेश द्वार और परिसर दिव्य माहौल उत्पन्न कर रहा है। रंग-बिरंगे फूलों की मनमोहक सजावट से परिसर सुगंधित हो उठा है, और ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वयं मां छिन्नमस्तिका और भगवान शिव यहां विराजमान हों। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी सुबोध पंडा ने बताया कि सुबह मंगला आरती के बाद ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। भक्त विधिपूर्वक पूजा कर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। आज विशेष भोग मां को अर्पित किया गया, जिसकी भव्यता और श्रद्धा श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ा रही है। इस बीच कई भक्त मंदिर की सुंदरता को कैमरे में कैद कर इस अनमोल पल को यादगार बना रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस बल ने भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए रणनीतिक रूप से तैयारी की है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के दर्शन को सुगम बनाने के लिए वीआईपी गेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। चैत्र नवरात्र के इस पावन अवसर पर मां छिन्नमस्तिका मंदिर अपनी भव्यता और दिव्यता से सभी का मन मोह ले रहा है। यह जागृत सिद्ध पीठ होने के कारण श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां आने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि देशभर से भक्त बड़ी संख्या में माता के दर्शन हेतु यहां आ रहे हैं।


