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Wednesday, April 8, 2026

बोकारो ट्रेजरी घोटाला: 3.15 नहीं, 4.29 करोड़ का हुआ फर्जीवाड़ा; लेखापाल ने पत्नी के खाते में भेजी रकम

बोकारो | जिले के कोषागार (ट्रेजरी) से पुलिस विभाग के वेतन मद में हुई अवैध निकासी मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि यह घोटाला 3.15 करोड़ का नहीं, बल्कि 4 करोड़ 29 लाख 71 हजार 7 रुपये का है। बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने इस आंकड़े की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले 25 महीनों में कुल 63 बार फर्जी तरीके से राशि निकाली गई है।

सेवानिवृत्त हवलदार के नाम का हुआ इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय ने साल 2016 में सेवानिवृत्त हो चुके हवलदार उपेन्द्र सिंह के नाम का सहारा लिया। पोर्टल पर हवलदार की जन्म तिथि और बैंक खाता संख्या को ‘एडिट’ कर इस बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया।

निकासी की अवधि: नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक (कुल 25 माह)।
वारदात का तरीका: कुल 63 बार में किस्तों में राशि निकाली गई।
लाभार्थी खाता: सारी रकम लेखापाल की पत्नी अनु पाण्डेय के बैंक खाते (सं.-42945898462) में ट्रांसफर की गई।

पोर्टल की जांच से खुला राज
शुरुआत में जब लेखापाल कौशल पाण्डेय से पूछताछ की गई, तो उसने किसी भी गड़बड़ी से इनकार कर दिया। लेकिन जब अधिकारियों ने e-Kuber DDO Level Bill Management System पोर्टल की गहराई से जांच की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। साक्ष्य सामने आने के बाद आरोपी लेखापाल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।

आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बोकारो एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच कमेटी बनाई गई है। आरोपी 2018 से बोकारो में कार्यरत है, इसलिए 25 महीने से पहले की अवधियों की भी जांच की जाएगी। ट्रेजरी और DDO स्तर पर सिस्टम की खामियों को चिन्हित कर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस घोटाले ने सरकारी सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि सालों तक एक ही मृत या रिटायर्ड कर्मी के नाम पर करोड़ों की निकासी होती रही और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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