रांची : राज्य के बजट सत्र के दौरान शनिवार को भाजपा विधायकों ने नल जल योजना की खराब स्थिति को लेकर सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले जबरदस्त नारेबाजी की। पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां उठाकर विरोध प्रदर्शन किया। जायसवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा नल जल योजना के तहत राज्य सरकार को उपलब्ध कराए गए 10 हजार करोड़ रुपये में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है।
नवीन जायसवाल का कहना है कि भ्रष्टाचार की वजह से कहीं पाइपलाइन नहीं बिछाई गई, तो कहीं मोटर नहीं लगाई गई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के निजी खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। लाखों करोड़ रुपये खर्च होने वाली इस योजना से केवल अनियमितताएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर बोरिंग के बाद भी पानी नहीं निकला, चापानल नहीं लगे और जहां मोटर लगी, वहां पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। इसके कारण जनता आज भी पानी के लिए परेशान है।
नवीन जायसवाल ने आगे बताया कि रांची में 550 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत योजना 2018 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य 2022 तक इसे पूरा करना था। परंतु अब 2026 आ गया है और अभी भी योजना अधूरी है। सरकार ने वादा किया था कि 2024 तक हर घर में नल से पानी पहुंचाया जाएगा, लेकिन हालात बदतर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों को गुमराह कर वोट लिए और अब लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। मधुकम इलाके का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां नाली का पानी घरों में पहुंच रहा है।
दूसरी ओर, श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा ने राज्य पर 17 साल शासन किया और तब उन्हें इन समस्याओं की सुध नहीं थी। मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार जनता को शुद्ध पानी उपलब्ध करा रही है और पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।


