रांची | भाजपा का प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया, जहां 2026 के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान पर गहन चर्चा हुई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हवेली बैंक्वेट हॉल में की। कार्यशाला में प्रदेश के पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और जिलों से चयनित प्रशिक्षण टोली ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के संगठन महामंत्री शिवप्रकाश उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, केंद्रीय टोली के सदस्य राजकुमार फलवारिया, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीएन सिंह, डॉ. रविंद्र कुमार राय और पूर्व सीएम मधु कोड़ा भी मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय द्वारा किया गया।
संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने ‘कार्यकर्ता निर्माण’ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा का प्रशिक्षण कार्यक्रम पार्टी की रीति-नीति, इतिहास और विकास से कार्यकर्ताओं को परिचित कर उनके निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि एक प्रशिक्षित भाजपा कार्यकर्ता अपने समर्पण और सशक्त विचारों से विरोधियों के मुकाबले अधिक प्रभावी सिद्ध होता है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने के लिए करोड़ों प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के योगदान को अनिवार्य बताया।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने अपने संबोधन में चेताया कि राजनीति में कई पार्टियां परिवारवाद तक सीमित हो गई हैं, जबकि भाजपा अपनी वैचारिक आधारशिला पर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करती है और यही भावना उसके कार्यकर्ताओं की असली ताकत है।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रण को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया, जिसमें सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण जैसे पहल शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान पर जोर दिया। वहीं, बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और इन जनकल्याणकारी प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम को मार्च-अप्रैल तक पूरा करने की योजना पर बल देने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यशाला पार्टी के भविष्य की दिशाओं को लेकर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।


