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Wednesday, June 10, 2026

बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान को पार्किंग बनाने का भाजपा ने किया विरोध

पूर्वी सिंहभूम। बर्मामाइंस क्षेत्र में बढ़ते धूल प्रदूषण, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और जाम की गंभीर समस्या से आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इन समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर ने टाटा स्टील प्रबंधन और जिला प्रशासन से ठोस एवं तत्काल कार्रवाई की मांग की है। भाजपा ने बर्मामाइंस जाने वाली सड़क और बर्मामाइंस गोलचक्कर के अविलंब चौड़ीकरण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के कारण क्षेत्रवासियों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने इस संबंध में बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर टाटा स्टील प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील प्रबंधन बर्मामाइंस क्षेत्र में मनमाने ढंग से निर्णय ले रहा है। विभिन्न कंपनियों की बड़ी गाड़ियों के लिए क्षेत्र में पहले से ही पांच पार्किंग स्थल बनाए जा चुके हैं, इसके बावजूद बर्मामाइंस की बस्तियों के लिए एकमात्र ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थल दुर्गा पूजा मैदान को पार्किंग स्थल में बदलने की साजिश रची जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित और जनभावनाओं के खिलाफ है।
सुधांशु ओझा ने कहा कि वर्षों से दुर्गा पूजा मैदान बर्मामाइंस वासियों की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का केंद्र रहा है। यह मैदान केवल पूजा-पाठ का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थल पर पार्किंग बनाना न केवल जनभावनाओं का अपमान है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान पर सीधा हमला भी है।
भाजपा जमशेदपुर महानगर ने टाटा स्टील प्रबंधन से दुर्गा पूजा मैदान में किसी भी प्रकार की पार्किंग योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ओझा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी बर्मामाइंस के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। यदि टाटा स्टील प्रबंधन ने जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए दुर्गा पूजा मैदान में पार्किंग बनाने का प्रयास किया, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका जोरदार और पुरजोर विरोध करेगी।
इसके साथ ही भाजपा ने जिला प्रशासन से भी इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि वह क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए बर्मामाइंस की जनता को राहत दिलाए और ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा सुनिश्चित करे।

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