कोलकाता । पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि मुख्यमंत्री के बयानों से केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा भड़क सकती है। पार्टी ने आयोग से मांग की है कि ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर एक निश्चित अवधि के लिए प्रतिबंध लगाया जाए।
केंद्रीय बलों पर लगाए गंभीर आरोप, भाजपा ने बताया ‘भड़काऊ’
मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे गए पत्र में भाजपा ने मुख्यमंत्री की हालिया जनसभाओं के दो प्रमुख उदाहरणों का जिक्र किया है। भाजपा का आरोप है कि 7 अप्रैल को एक रैली में मुख्यमंत्री ने कहा कि “सीआरपीएफ की 200 गाड़ियां लोगों पर हमला करने आ रही हैं।” 3 अप्रैल को दक्षिण दिनाजपुर की सभा में ममता बनर्जी ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि केंद्रीय बलों के वाहनों के जरिए धन लाया जा रहा है।
भाजपा के अनुसार, ये बयान सुरक्षा बलों के प्रति अविश्वास पैदा करते हैं और स्वतंत्र मतदान प्रक्रिया में बाधा डालते हैं।
FIR दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील की है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। पार्टी का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से मतदाताओं में डर का माहौल बनता है और राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। अब सबकी नजरें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।

