बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों (एमएलए) पुनः-प्रत्याशी बनकर चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। कुल 243 सीटों वाली विधान सभा में 192 विधायक फिर से चुनाव लड़ रहे हैं — यानी लगभग 79 प्रतिशत मौजूदा प्रतिनिधि पुनः टिकिट लेकर मैदान में हैं।
सबसे अधिक टिकिट देने वाला दल Bharatiya Janata Party (भाजपा) रहा, जिसने पिछली बार जीतने वाले 62 विधायकों को इस बार टिकिट दिया है। इसके बाद Rashtriya Janata Dal (राजद) ने 46, Janata Dal (United) (जदयू) ने 41 तथा Indian National Congress (कांग्रेस) ने 12 सीटिंग विधायकों को उम्मीदवार बनाया है।
यह स्थिति यह संकेत देती है कि पार्टियाँ अपनी जीतने की ताकत के प्रति भरोसा जताती दिख रही हैं और चयन-प्रक्रिया में बदलाव कम-से-कम इस दायरे में नहीं किया है कि नए चेहरे भारी मात्रा में मैदान में हों।
वहीं दल-बदल का भी चलन तेजी से देखने को मिला है — कुछ विधायक पार्टी छोड़ कर नए दल या निर्दलीय रूप में चुनावी मैदान में उतरे हैं।
यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा प्रतिनिधियों का पुनः खड़ा होना बदलती राजनीतिक दिशा, रणनीति तथा मतदाता धाराओं के लिए संकेत हो सकता है।


