22 C
Kolkata
Thursday, April 30, 2026

असर्फी अस्पताल में बकाया बिल के लिए नहीं दिया शव, मेयर ने की मदद

 

धनबाद। शहर के असर्फी अस्पताल में मानवता शर्मसार हुई है। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की मौत के बाद, अस्पताल प्रबंधन ने महज 20 हजार रुपयों के लिए शव नहीं दिया। इस संवेदनशील मामले में नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह ने खुद अस्पताल पहुंचकर बिल की राशि को चुकाया।

झरिया निवासी 54 वर्षीय संजीत सिंह को सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के लिए असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दुख की इस घड़ी में परिजनों पर तब और पहाड़ टूट पड़ा जब अस्पताल प्रबंधन ने बकाया 20,864 रुपये नहीं चुकाने पर शव सौंपने से इनकार कर दिया।

जैसे ही इसकी सूचना नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह को मिली, वे तुरंत हरकत में आए। चोट के बावजूद वे अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के बकाया राशि का भुगतान किया। इसके बाद अस्पताल ने मृतक का शव परिजनों को सौंपा। इस दौरान अस्पताल परिसर में घंटों अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

मेयर के साथ पहुंचे जनता मजदूर संघ के संगठन सचिव अमित गुप्ता ने इस दौरान अस्पताल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि असर्फी अस्पताल का यह पुराना रवैया रहा है कि वह शव को सिर्फ पैसों की उगाही के लिए रोकता है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का रवैया बेहद चिंताजनक है। किसी भी अस्पताल को मृत शरीर को बंधक बनाने का कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि वेंटिलेटर के नाम पर अस्पताल सिसिर्फ रुपयों की उगाही करता है।

Related Articles

नवीनतम लेख