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Tuesday, March 3, 2026

कैग के परफॉर्मेंस ऑडिट हेतु एमएसएमई सेक्टर पर फीडबैक लेने को चैम्बर भवन में महत्वपूर्ण बैठक

रांची : कैग द्वारा जारी की जानेवाली ऑडिट रिपोर्ट हेतु झारखंड में एमएसएमई में व्यापार करने में आसानी विषय पर एक परफॉर्मेंस ऑडिट किया जा रहा है। इस ऑडिट का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई के लिए लागू किए गए सुधारों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और रेगुलेटरी प्रणाली की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना है। इसी क्रम में आज चैम्बर भवन में एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्योगों और बिज़नेस कम्युनिटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स, जेसिया के अलावा विभिन्न उद्यमियों द्वारा झारखंड में एमएसएमई संचालन के दौरान आनेवाली रुकावटों, अड़चनों और सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रधान महालेखाकार ऑडिट, झारखंड कार्यालय की प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल इंदु अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित थीं।

झारखंड में उद्योग खोलने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, कंस्ट्रक्शन परमिट, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और बिजली कनेक्शन, विभिन्न विभागों से अप्रूवल एवं एनओसी, एमएसएमई के लिए क्रेडिट/लोन की उपलब्धता, टैक्स भुगतान, इंसेंटिव की स्वीकृति और भुगतान, तकनीकी सहायता एवं स्किल डेवलपमेंट, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट सपोर्ट, सुरक्षित बिज़नेस माहौल, कॉन्ट्रैक्ट प्रवर्तन और इन्सॉल्वेंसी समाधान, कम्प्लायंस विफलताओं का डीक्रिमिनलाइजेशन जैसे मुद्दों पर चैम्बर द्वारा अपने विचार साझा किये गए।

चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड में एमएसएमई सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ईओडीबी केवल सुविधा का विषय नहीं बल्कि निवेश आकर्षित करने और स्थानीय उद्यमों को मजबूत करने की आवश्यकता है। आज की बैठक में उद्योग जगत ने जो व्यवहारिक समस्याएँ सामने रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमें उम्मीद है कि कैग का यह परफॉर्मेंस ऑडिट राज्य में एमएसएमई नीतियों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक तंत्र को और अधिक पारदर्शी, सरल और उद्यमी-अनुकूल बनाने में सहायक होगा। चैम्बर लगातार प्रयासरत है कि झारखंड में एमएसएमई इकाइयों के विकास हेतु आवश्यक सुधार समयबद्ध रूप से लागू हों और उद्योगों की वास्तविक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाया जाय।

बैठक में चैम्बर उपाध्यक्ष राम बांगड़, प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अभिषेक रामाधीन, आस्था किरण, पूर्व अध्यक्ष दीपक कुमार मारु और जेसिया के सचिव शिवम सिंह ने भी अपने विचार साझा किये और कैग से इसपर जरुरी कार्रवाई का आग्रह किया। उद्यमियों ने एकमत से कहा कि राज्य में पॉलिसी बहुत बेहतर बनती है किन्तु उनका क्रियान्वयन नहीं होता। एक एक साल के लिए एक्सटेंशन पर चल रही टेक्सटाइल पॉलिसी पर उद्यमियों ने कहा कि कोई भी निवेशक एक साल की पाॅलिसी देखकर उद्योग नहीं लगा सकता इसलिए पॉलिसी लॉन्ग टर्म के लिए बननी चाहिए ताकि निवेशकों में विश्वास बढे।

प्रधान महालेखाकार ऑडिट, झारखंड कार्यालय की प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल इंदु अग्रवाल ने झारखण्ड चैम्बर के साथ इस वार्ता को आगे भी जारी रखने की बात कही। बैठक में प्रधान महालेखाकार ऑडिट, झारखंड कार्यालय के सदानंद नस्कर, चम्पक रॉय, रंजीत कुमार, अमित कुमार, सुंदरकान्त झा, स्नेहा, माणिक चंद, विकास गुप्ता, सुधीर सिंह के अलावा चैम्बर के सदस्य शशांक भारद्वाज, महेंद्र जैन कृष्णा अग्रवाल उपस्थित थे।

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