दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुए कार धमाके के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस हमले के दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी “कि पूरी दुनिया देखेगी”, और भविष्य में कोई भी भारत में इस तरह के आतंकी कृत्य की हिम्मत न करे।
उन्होंने उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकें बुलाई हैं और जांच-एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी अभियुक्तों को पकड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य मशीनरी को जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस धमाके में दर्जनों लोग घायल हुए और कुछ की जान गई है। मामले को आतंकवादी हमला माना जा रहा है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच का नेतृत्व दिया गया है।
अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है — इसलिए दोषियों पर कार्रवाई इस तरह होगी कि यह ‘दृष्टांत’ बने, और भारत के खिलाफ किसी भी हमले की पुनरावृत्ति न हो सके। उन्होंने कहा है कि जांच में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और किसी प्रकार की साजिश बख्शी नहीं जाएगी।
इस बयान के बाद सुरक्षा-हादसों के खिलाफ सख्त रवैये का संकेत मिलता है। आने वाले दिनों में इस मामले में आरोप-पुष्टि, गिरफ्तारी और अभियोजन की प्रक्रिया पर सभी की नजर होगी।


