26 C
Kolkata
Tuesday, February 17, 2026

सर्राफा बाजार के साथ ही कमोडिटी मार्केट में भी सोना-चांदी की कीमत में गिरावट

नई दिल्ली। सर्राफा बाजार (बुलियन मार्केट) के साथ ही कमोडिटी मार्केट में भी आज सोना और चांदी की कीमत में गिरावट का रुख बना हुआ है। एशियाई बाजार में आज लूनर न्यू ईयर की छुट्टी की वजह से सोना और चांदी दोनों कमोडिटी में ट्रेडिंग घट गई है, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती से भी सोना और चांदी की कीमत पर दबाव बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। इसी वजह से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोपहर 12 बजे के करीब चांदी की कीमत 7,491 यानी 3.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,32,400 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बनी हुई थी। इसी तरह सोना 2,760 रुपये यानी 1.77 प्रतिशत फिसल कर 1,52,024 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी के भाव में गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर लुढ़क कर 73 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें सुधार हुआ, जिससे भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजे तक यह चमकीली धातु 2.71 प्रतिशत गिर कर 74.51 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई थी। इसी तरह स्पॉट गोल्ड भारतीय समय के अनुसार दोपहर 12 तक 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,947.98 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा हुआ था। अप्रैल डिलीवरी वाला यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.62 प्रतिशत गिर कर 4,966.80 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

बताया जा रहा है कि यूएस डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत बढ़ा हुआ है, जिससे डॉलर के अलावा दूसरी करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के जरिए बिकने वाला बुलियन (सोना और चांदी) महंगा हो गया है। इस वजह से भी निवेशकों के रुझान में कमी आई है, जिसका असर इन दोनों चमकीली धातुओं के भाव में गिरावट के रूप में नजर आ रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में केटौती करता है या डॉलर में कमजोरी आती है, तो चांदी और सोने के भाव में एक बार फिर तेजी का रुख बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में गिरावट आई है। इसके साथ ही इन्वेंटरी और रीसाइक्लिंग सप्लाई भी चांदी की कीमत को सीमित करने का काम कर रही है। इसलिए फिलहाल चांदी की कीमत में बेतहाशा तेजी आने की उम्मीद कम है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,851FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles