टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर वीआईपी लेन को स्टील बैरिकेट लगाकर पूरी तरह बंद किए जाने और टाटानगर आने वाली यात्री ट्रेनों के लगातार विलंब को लेकर आजसू पार्टी ने विरोध जताते हुए जनांदोलन की चेतावनी दी है। इसे लेकर सोमवार को आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार को डीआरएम के नाम ज्ञापन सौंपा और यात्री हितों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अवगत कराया।आजसू ने कहा कि वीआईपी लेन बंद कर दिए जाने से आम यात्रियों, दिव्यांगजन, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं और परिजनों को छोड़ने-लेने आने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ड्रॉपिंग लेन में गाड़ियां रुकने पर 10 मिनट से अधिक समय होने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाता है, जिससे अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पार्टी का कहना है कि वीआईपी आगमन की प्रतीक्षा में गाड़ियां ड्रॉपिंग लेन में खड़ी होंगी, जिससे आम यात्रियों की गाड़ियां फंस जाएंगी और व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जाएगी।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि चांडिल, चक्रधरपुर और घाटशिला तक सही समय पर पहुंचने वाली ट्रेनें टाटानगर पहुंचने में तीन से चार घंटे की देरी कर रही हैं, इससे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।बैठक में स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को छोड़कर किसी को वीआईपी श्रेणी में नहीं रखा गया है एवं निकास द्वार से ही आवागमन होगा। आपातकालीन सेवाओं को लेकर विचार-विमर्श जारी है।पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने डीआरएम की कार्यशैली को जनभावना के विरुद्ध बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं कन्हैया सिंह ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आजसू उग्र आंदोलन और अनशन करने को बाध्य होगी। मौके पर कमलेश दुबे, संजय सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश विश्वकर्मा, कृतिवास मंडल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


