बिहार: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव आए हैं। प्रारंभिक ड्राफ्ट सूची में दर्ज 7.24 करोड़ नामों से बढ़त लेते हुए अब लगभग 13 लाख नए नाम जोड़े गए हैं, जिससे अनुमान है कि अंतिम सूची में 7.3 करोड़ से अधिक मतदाता होंगे। नई, आधिकारिक सूची 30 सितंबर को जारी की जाएगी।
चुनाव आयोग ने 24 जून को SIR संबंधी आदेश जारी किया था। इसके तहत मतदाताओं को अपना विवरण जमा करने तथा दावे-आपत्तियाँ करने का अवसर दिया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक दावों का निपटारा किया जा चुका है।
ड्राफ्ट सूची से लगभग 65 लाख नाम हटाए गए थे — जिनमें मृतक मतदाता, डुप्लिकेट नाम, वह नाम जिनका पता नहीं मिला, या अन्य कारण शामिल थे। इस कटौती के बाद सूची का स्वरूप पहले से काफी संकरा हुआ था।
नई सूची में शामिल किए गए नामों में अधिकांश नवमतदाता और युवा मतदाता हैं, जिन्होंने पहली बार पंजीकरण कराया है। इसके अलावा कुछ ऐसे मतदाता भी हैं जिन्हें पिछली सूची में किसी कारणवश शामिल नहीं किया गया था।
चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी वैध मतदाता को बिना उचित सूचना या कारण के नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। नामों के कटने या जुड़ने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं।
30 सितंबर को जारी होने वाली सूची के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन जिलों में मतदाता संख्या में वृद्धि हुई है और किन जिलों को नुकसान हुआ है। इस सूची का महत्व आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।


