पलामू। झारखंड में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) परीक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की मांग को लेकर बीएड प्रशिक्षु छात्रों ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में पलामू एवं गढ़वा जिले के बीएड. छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने हिंदी स्नातकोत्तर गोल्ड मेडलिस्ट एवं बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी रंजन कुमार यादव के नेतृत्व में बुधवार को पलामू जिले में झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि पलामू एवं गढ़वा जिलों में मगही एवं भोजपुरी भाषा व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है। इन भाषाओं का स्थानीय जनजीवन, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक परिवेश में महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद जेटेट परीक्षा में इन भाषाओं को शामिल नहीं किए जाने से क्षेत्र के अभ्यर्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व को ध्यान में रखते हुए जेटेट परीक्षा में मगही एवं भोजपुरी को शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके और उनकी शैक्षणिक प्रगति सुगम हो सके।
वित्त मंत्री ने छात्रों को आश्वस्त किया उक्त विषय कैबिनेट बैठक में रखी जाएगी।
मौके पर बीएड अभ्यर्थी शत्रुघ्न चौरसिया, पंकज कुमार, मंटू कुमार, मनोज कुमार सहित कई विद्यार्थी उपस्थित थे।


