रांची | जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभागार में समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन (Implementation) को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भूमि विवरण न देने पर सीओ (CO) से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने मनरेगा अभिसरण (Convergence) के तहत बन रहे भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
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अधिकारियों पर बरसे उपायुक्त: कांके, ओरमांझी और रातू अंचल द्वारा आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए अब तक भूमि का विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों (Circle Officers) से इस लेती-लतीफी के लिए कारण पृच्छा (Show Cause) करने का आदेश दिया है।
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स्कूलों के साथ जुड़े (Co-location) आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, शौचालय और पेयजल व्यवस्था के लंबित कार्यों को भी जल्द पूरा करने का जिम्मा एनआरईपी-1 (NREP-1) के कार्यपालक अभियंता को सौंपा गया।
सुरक्षित मातृत्व सर्वोच्च प्राथमिकता: शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) और टीकाकरण पर विशेष जोर दिया:
“प्रत्येक गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाएं अनिवार्य रूप से पहुंचनी चाहिए। ड्यू-लिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने वीएचएसएनडी (VHSND) के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।
पोषण ट्रैकर ऐप और APAAR ID निर्माण में लाएं तेजी
डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPOs) को निर्देश दिया गया कि पोषण ट्रैकर ऐप में शत-प्रतिशत डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले सभी बच्चों का अपार आईडी (APAAR ID) बनाने का काम बिना किसी देरी के पूरा करने को कहा गया।
एमटीसी (MTC) केंद्रों की व्हाट्सएप से होगी मॉनिटरिंग
कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए बने कुपोषण उपचार केंद्रों (MTC) के बेहतर प्रबंधन के लिए एक अनोखी पहल की गई है। उपायुक्त ने सभी एमटीसी केंद्रों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उनका नियमित अनुश्रवण (Monitoring) करने और ठीक हुए बच्चों की सफलता की कहानियां (Success Stories) संकलित करने का निर्देश दिया ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें।
रिक्त पदों पर जल्द होगी बहाली और मूलभूत सुविधाओं का विकास
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जल्द होंगी नियुक्तियां: आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं के खाली पड़े पदों पर विभागीय नियमों के तहत जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया।
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रेनवाटर हार्वेस्टिंग: पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को आंगनबाड़ी केंद्रों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लंबित काम तुरंत पूरे करने को कहा गया। साथ ही सभी सेविका-सहायिकाओं के पास क्रियाशील शौचालय होने का प्रमाण-पत्र भी मांगा गया है।
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वन स्टॉप सेंटर: संकटग्रस्त महिलाओं की मदद के लिए बने वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिलाओं को समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं पूरी तत्परता से देने का निर्देश दिया गया।
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सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: इन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए पहचान संबंधी आवश्यक विवरणों के आधार पर ही आवेदन सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि लाभार्थियों के सत्यापन में आसानी हो।
बेहतर तालमेल के लिए हर महीने होगी संयुक्त बैठक
योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग को मिलकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड (Block) और क्लस्टर स्तर पर दोनों विभागों की संयुक्त मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रभारी उप विकास आयुक्त-सह-परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री संजय भगत, सिविल सर्जन श्री प्रभात कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सुरभि सिंह, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला मलेरिया व यक्ष्मा पदाधिकारी, एसीएमओ (ACMO), सभी एमओआईसी (MOIC), एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाएं मुख्य रूप से उपस्थित थीं।

