ई-कल्याण पोर्टल में आई तकनीकी गड़बड़ी से परेशान छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। छात्रहित सर्वोपरी मंच के लगातार प्रयासों के बाद सरकार ने उन सभी छात्रों का डेटा दोबारा बहाल कर दिया है जिनके आवेदन 18 और 19 अगस्त 2025 को पोर्टल त्रुटि के कारण डिलीट हो गए थे। इन दोनों दिनों में आवेदन करने वाले हजारों छात्रों को “Email ID already exists” और “UID already exists” जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। कई आवेदन बिना किसी वजह के स्वतः अस्वीकृत भी हो गए थे। पोर्टल की दिक्कत के कारण बड़ी संख्या में छात्र आवेदन प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
छात्रहित सर्वोपरी मंच ने मामले को लगातार उठाया। 18 सितंबर 2025 को मंच के प्रतिनिधियों ने कल्याण सचिव और कल्याण आयुक्त से मिलकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। तकनीकी त्रुटियों और डिलीट हुए आवेदनों के कारण छात्रों को हो रही परेशानी का मुद्दा विस्तार से रखा गया। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को संगठन के प्रतिनिधियों ने फिर से अधिकारियों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद विभाग ने तत्काल तकनीकी जांच कराई और प्रभावित छात्रों के मामले को प्राथमिकता दी। लगातार फॉलो-अप के बाद विभाग ने सभी डिलीट हुए आवेदनों का डेटा वापस पोर्टल पर बहाल कर दिया। केवल प्रभावित छात्रों के लिए सत्यापन की नई तिथियां जारी की गई हैं।
- आईएनओ द्वारा सत्यापन की अंतिम तिथि : 30 दिसंबर 2025
- डीएनओ द्वारा सत्यापन की अंतिम तिथि : 31 दिसंबर 2025
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल को दोबारा नहीं खोला गया है। सिर्फ उन छात्रों का डेटा बहाल किया गया है जिनके आवेदन तकनीकी समस्या के कारण हट गए थे।


