प्रतिभावाओं को मंच देने के लिए तीन दिवसीय युवा महोत्सव शुरू
सूरज सिंह मेमोरियल कॉलेज, राँची में वार्षिक युवा महोत्सव इंजोत-2025 का शुभारंभ 25 नवंबर से हो रहा है। कॉलेज में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह उत्सव विद्यार्थियों की कला, प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस बार इंजोत में साहित्यिक, सांस्कृतिक और कौशल आधारित कुल 17 विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। कॉलेज की सांस्कृतिक समिति द्वारा जारी विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार महोत्सव 25 से 27 नवंबर 2025 तक चलेगा। सभी प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग समय और स्थान तय किए गए हैं ताकि प्रत्येक प्रतिभागी को बेहतर प्रस्तुति का अवसर मिल सके।
पहला दिन (25 नवंबर 2025)
महोत्सव की शुरूआत वादझ्रविवाद, निबंध, मिमिक्री, माइंड एक्टिंग, और वन एक्ट प्ले जैसी गतिविधियों से होगी। ये प्रतियोगिताएँ क्रमश: कमरा संख्या 07, 04, 04, 02 और 01 में आयोजित की जाएँगी। भाषणझ्रकला, अभिनय क्षमता और मंचीय प्रस्तुति का यह दिन विद्यार्थियों की सृजनात्मक ऊर्जा का सशक्त प्रदर्शन होगा।
दूसरा दिन (26 नवंबर 2025)
दूसरे दिन मिट्टी कला (क्ले आर्ट), बेस्ट आउट आॅफ वेस्ट, भाषण प्रतियोगिता, क्विज, रंगोली, पेंटिंग, फोटोग्राफी, कोलाज और पोस्टर मेकिंग का आयोजन किया जाएगा। कला, बुद्धिमत्ता और नवाचार से भरपूर यह दिन महोत्सव का सबसे आकर्षक हिस्सा माना जा रहा है। विशेष रूप से मिट्टी कला और बेस्ट आउट आॅफ वेस्ट प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में प्रतिभागी अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
तीसरा दिन (27 नवंबर 2025)
अंतिम दिन कविता और गीत प्रतियोगिता आयोजित की जाएँगी। साहित्य और संगीत से जुड़े ये कार्यक्रम महोत्सव को भावनात्मक और सांस्कृतिक ऊँचाई प्रदान करते हैं। इसके बाद 1:30 बजे समापन समारोह तथा पुरस्कारझ्रवितरण किया जाएगा। कॉलेज परिसर में समापन कार्यक्रम को लेकर विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं।
इंजोत-2025 को लेकर कॉलेज में उत्साह का विशेष माहौल है। विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएँ अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। सांस्कृतिक समिति और स्वयंसेवकों द्वारा कार्यक्रमों की सफल आयोजन हेतु व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं।
इस महोत्सव के संबंध में जानकारी डॉ. संजय कुमार और डॉ. सुबास साहु ने दी। उन्होंने बताया कि इंजोत-2025 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रचनात्मक, बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। उनके अनुसार ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीमझ्र-स्पिरिट विकसित होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और विद्यार्थियों से अनुशासन, सौहार्द और उत्साह के साथ आयोजन को सफल बनाने की अपील की।


