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Thursday, February 5, 2026

कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रा उप समिति की हुई बैठक

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रा उप समिति की बैठक चैंबर भवन में संपन्न हुई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बताया कि राज्य के महत्वपूर्ण विभागों जैसे पीएचईडी, ग्रामीण कार्य विभाग, जुडको आदि में कार्यरत संवेदकों का भुगतान पिछले डेढ़ वर्षों से लंबित है, जिस कारण संवेदक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। संवेदकों ने यह भी अवगत कराया कि जिन कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है उनका सिक्योरिटी डिपॉजिट भी रिफंड नहीं किया जा रहा है। इस बात पर भी चर्चा हुई कि ग्रामीण कार्य विभाग में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये के नये टेंडर निकाले जा चुके हैं जबकि सरकार पर अभी भी 5 हजार करोड़ रुपये की पुरानी देनदारियाँ लंबित हैं। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि लंबित भुगतानों के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया जाय। नॉन-पेमेंट जैसी परिस्थितियों के कारण राज्य से कॉन्ट्रैक्टर्स का पलायन होना बेहद चिंताजनक है।

संवेदकों की चिंताओं को वास्तविक बताते हुए चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही विभागीय सचिव से मिलकर इस मामले में आवश्यक पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ लाखों कामगार और उनके परिवार भी जुड़े होते हैं। यदि वे राज्य से पलायन करते हैं तो चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर गंभीर असर पड़ेगा। झारखण्ड चैम्बर इस मुद्दे पर निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की स्थापना को 25 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं ऐसे में अब राज्य के बजट का आकार भी बढ़ाया जाना चाहिए। वर्तमान में राज्य का बजट केवल 1.5 लाख करोड़ रुपये है, जबकि इसे 3 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की आवश्यकता है। बैठक में जियाडा के प्रावधानों से औद्योगिक विकास में आनेवाली बाधाओं पर भी चर्चा हुई।

कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रा उप समिति के चेयरमैन रवि राज अग्रवाल ने कहा कि राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में संवेदक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार लंबित भुगतानों के कारण उनकी कार्य क्षमता प्रभावित हो रही है। यदि समय पर भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट रिफंड नहीं होगा तो बड़े पैमाने पर परियोजनाएँ बाधित होंगी और राज्य के विकास की गति धीमी पड़ेगी। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए। यह निर्णय लिया गया कि इन मामलों के समाधान हेतु झारखण्ड चैम्बर और बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के द्वारा संयुक्त पहल की जाएगी। बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उप समिति चेयरमैन रवि राज अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, सदस्य अशोक प्रधान, अजय सिंह, मुकेश सिंह, गुरदीप सिंह समेत कई संवेदक उपस्थित थे।

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