झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को एक पत्र लिखकर राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता और जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा गिरोह के बीच कथित सांठगांठ की व्यापक जांच की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता पर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच एनआईए से कराने के लिए एजेंसी के महानिदेशक को पत्र लिखा है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
इस पत्र में मरांडी ने लिखा है कि ‘कोयलांचल शांति समिति (केएसएस)’ नाम का एक मुखौटा संगठन गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के नेतृत्व वाले संगठित आपराधिक गिरोह के तहत काम कर रहा है, जो लम्बे समय से हत्या, ठेकेदारी, ट्रांसपोर्टर, डॉक्टर, वकील और व्यापारियों से जबरन वसूली और अवैध हथियारों के व्यापार जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है। मरांडी ने आरोप लगाया है कि यह नेटवर्क मूलतः एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट है, जिसके सीमा पार राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने का भी संदेह है। अपने पत्र में उन्होंने सुजीत सिन्हा गिरोह की कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे चिंताजनक पहलू बताया है। मरांडी के अनुसार, इस गिरोह पर पंजाब के मोगा ज़िले में ड्रोन से गिराए जाने वाले हथियार ख़रीदने का आरोप है। ये हथियार दुश्मन पड़ोसी देश पाकिस्तान से आ रहे हैं, जो भारत की क्षेत्रीय अखंडता के लिए सीधा ख़तरा है।


