आज Chotanagpur Khastkaari Adhiniyam, 1908 (जिसे सामान्यतः सीएनटी अधिनियम कहा जाता है) की लागू-तिथि, 11 नवंबर 1908, से 117 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
यह अधिनियम तत्कालीन ब्रिटिश शासित भारत में जारी किया गया था।
इस अधिनियम में कुल 271 धारा थी और इसे अब तक लगभग 57 बार संशोधित किया जा चुका है।
यह अधिनियम मूलतः Bengal Khastkaari Act, 1885 की तर्ज पर तैयार किया गया था, जिसमें जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए थे।
अधिनियम लागू होने के समय लगभग 90 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर थी और भूमि-संबंधित व्यवस्था महत्वपूर्ण थी।
भले ही अधिनियम ने जनजातीय भूमि हस्तांतरणों में रोक लगाई, लेकिन प्रारंभिक दौर में सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सका।
इस अधिनियम से संबंधित एक शोध-रिपोर्ट भी तैयार की गई थी, जिसमें इसके इतिहास, समस्या-क्षेत्र, वर्तमान स्वरूप सहित कई बिंदुओं का विश्लेषण है।
आज से 117 वर्ष पहले लागू इस अधिनियम को याद करते हुए यह भी ध्यान देने योग्य है कि समय-समय पर इसके प्रावधानों में बदलाव होते रहे हैं और यह जनजातीय कल्याण एवं भूमि संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था।


