पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि मंईयां सम्मान योजना की वित्तीय सहायता आदिवासी महिलाओं और बुजुर्ग नागरिकों को न जाकर बांग्लादेशी नागरिकों को जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है, बुजुर्गों की पेंशन अटकी हुई है, और छात्रवृत्ति योजनाएँ भी पूरी तरह काम नहीं कर रही हैं।
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के दौरान आयोजित रोड-शो में रघुवर दास ने कहा कि झारखंड की वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है और इसका आरंभ मंईयां सम्मान योजना के दुरुपयोग से होता है। उन्होंने बताया कि घाटशिला में यह देखा गया है कि आदिवासी लाभार्थियों की जगह बांग्लादेशी नागरिकों को योजना की राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
इस अवसर पर उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में जनसंपर्क भी किया, जादूगोड़ा मोड़ चौक से पैदल यात्रा की और सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आदिवासी गौरव को सम्मानित किया।
रघुवर दास ने कहा कि अब इस तरह की सरकार को जिम्मेदारी बदलनी होगी, अन्यथा आने वाला समय तय करेगा कि लोग किसे चुनते हैं। उन्होंने घाटशिला में अपनी पार्टी के लिए समर्थन की अपील की।


